

भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर रामेश्वरम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी एवं उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने अर्पित की श्रद्धांजलि
रामेश्वरम (तमिलनाडु), 27 जुलाई। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, “मिसाइल मैन” एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर आज तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राष्ट्रीय स्मारक में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जमाल सिद्दीकी तथा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री शादाब शम्स ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दोनों नेताओं ने डॉ. कलाम के परिजनों के साथ पुष्पांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र के इस महान सपूत को नमन किया तथा उनके आदर्शों, सादगी, राष्ट्रभक्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और युवाओं के प्रति उनकी प्रेरणादायी सोच को स्मरण किया।
इस अवसर पर डॉ. कलाम का पूरा परिवार उपस्थित रहा। साथ ही देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, विभिन्न राज्यों से आए गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा हजारों श्रद्धालुओं ने स्मारक पहुंचकर भारत रत्न डॉ. कलाम को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरा परिसर श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
इस अवसर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जमाल सिद्दीकी ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और युवा शक्ति को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का व्यक्तित्व आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा विकसित भारत का उनका स्वप्न प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री शादाब शम्स ने कहा कि भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम केवल एक महान वैज्ञानिक या पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि भारत की युवा शक्ति, राष्ट्रभक्ति और आत्मनिर्भरता के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि साधारण परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी शिक्षा, परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर विश्व के सर्वोच्च शिखरों तक पहुंच सकता है। विकसित भारत का उनका स्वप्न आज भी देश के युवाओं को नई ऊर्जा, नई दिशा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी, विशेष रूप से जनरेशन-ज़ी (Gen Z) को डॉ. कलाम के विचारों, उनके सपनों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जमाल सिद्दीकी एवं उन्होंने संयुक्त रूप से “कश्मीर से कलाम मेमोरियल, रामेश्वरम” तक एक राष्ट्रव्यापी “यूनिटी मार्च” आयोजित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा देश के युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक समरसता और राष्ट्र प्रथम की भावना को सशक्त करने का माध्यम बनेगी। साथ ही डॉ. कलाम के सपनों के भारत और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर साबित होगा।
