हादसा: नाली में बहने से दो मासूम बहनों की मौत
घर के बाहर हुआ हादसा
देहरादून– क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र की नई बस्ती में नाली के तेज बहाव में बहने से दो सगी मासूम बहनों की मौत हो गई। दोनों बच्चियां खेलते खेलते नहाने चली गई थी और तेज पानी के बहाव में बहकर नाले के ऊपर बने रैंप के नीचे फंस गईं। जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक शाम के समय कलेमेंटटाउन थाना पुलिस को राजेश मित्तल ने सूचना दी। बताया कि दुर्गा मंदिर, नई बस्ती के पास दो बच्चियां बरसाती नाले में बहकर रैंप के नीचे फंस गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि स्थानीय लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों बच्चियों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बच्चियों की पहचान लक्ष्मी कुमारी (7 वर्ष) और सोनाक्षी कुमारी (3 वर्ष) के रूप में हुई है। उनकी मां रीना कुमारी, पत्नी रुदल सदा, ने पुलिस को बताया कि दोनों बेटियां दोपहर में घर के बाहर बरसाती नाले में नहाने गई थीं। इसी दौरान अचानक नाले में पानी का तेज बहाव आ गया और दोनों बहकर रैंप के नीचे फंस गईं। काफी देर तक दिखाई न देने पर तलाश शुरू की गई, जिसमें बड़ी बेटी की टांग रैंप के नीचे दिखाई दी। इसके बाद लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी डूबने से मौत हो चुकी थी।
–पिता थे गांव, मां मजदूरी करने गई थी–
पता चला है कि जिस समय हादसा हुआ उस समय बच्चियों के पिता अपने गांव गए हुए थे, वहीं मां मजदूरी के काम से गई हुई थी। बताया कि परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है और वर्तमान में नई बस्ती में किराए पर रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता है। घटना के समय बच्चियों के पिता गांव बिहार गए हुए थे। उन्हें हादसे की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। कलेमेंटटाउन थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि आसपास के लोगों ने भी बताया कि दोनों बच्चियां नाले के तेज बहाव में बहकर रैंप के नीचे फंस गई थीं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इनसेट–
पूरा इलाका गमगीन–
इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घटना के बाद परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया। आस पास के लोगों ने बताया कि काफी देर तक बच्चियां दिखाई नहीं दीं तो उनकी तलाश शुरू की गई थी। खोजबीन के दौरान बड़ी बेटी की टांग रैंप के नीचे दिखाई दी। इसके बाद आसपास के लोगों ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। जानकारी ये भी दी गई है कि पहले एक बहन पानी की चपेट में आई थी। दूसरी बहन उसको बचाने गई तो वह भी हादसे का शिकार हो गई।
बरसाती नाले हर साल बनते हैं हादसों की वजह
वीरवार शाम हुआ हादसा एक बार फिर कई सबक देकर गया। क्योंकि, मानसून के दौरान देहरादून के बरसाती नालों का जलस्तर कुछ ही मिनटों में कई गुना बढ़ जाता है। सामान्य दिनों में सूखे या कम पानी वाले दिखाई देने वाले नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं। पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ लगातार लोगों से बरसाती नालों, रपटों और नदी किनारों से दूर रहने की अपील करते हैं। इसके बावजूद हर वर्ष लापरवाही या जानकारी के अभाव में हादसे सामने आते हैं। देहरादून के रायपुर, कैंट, कलेमेंटटाउन सहित अन्य क्षेत्र ऐसे है जहां पूर्व में भी बरसाती नालों में तेज पानी के बहाव के चपेट में बच्चे आकर अपनी जान गवां चुके है।
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