श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में मेडिकल शिक्षा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
एनएमसी से स्वीकृत बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन में 30 फैकल्टी सदस्यों ने किया प्रतिभाग


देहरादून—श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से स्वीकृत तीन दिवसीय ‘बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम 31 अगस्त से दो सितंबर तक आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल शिक्षा के विभिन्न पहलुओं और फैकल्टी सदस्यों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. नीलकमल कुमार ने कार्यक्रम में शामिल फैकल्टी सदस्यों और विशेषज्ञों का स्वागत किया। वहीं प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नेशनल फैकल्टी डेवलपमेंट को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में एसजीआरआरआईएमएंडएचएस के 28 तथा रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय के दो फैकल्टी सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
वरिष्ठ विशेषज्ञों ने मेडिकल शिक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए और प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अंजलि चौधरी, डॉ. निधि जैन, डॉ. पुनीत ओहरी, डॉ. राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डॉ. मेघा लूथरा, डॉ. वैशाली धनंजय सहित अन्य विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
कार्यक्रम के संयोजक एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग के समन्वयक डॉ. पुनीत ओहरी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षित करने के साथ मेडिकल छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम नेशनल मेडिकल कमीशन की पर्यवेक्षक डॉ. किरन भट्ट के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र वर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सह-समन्वयक डॉ. अंजलि चौधरी ने किया।

