
आतंकवाद निरोधी नीति प्रहार को धरातल पर लागू किये जाने पर जोर
डीजीपी दीपम सेठ ने की अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया जारी किया था वीडियो
युवाओं को कट्टर बनाने के इनपुट्स और गिरफ्तारियों के मद्देनजर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने से संबंधित निर्देश भी जारी

देहरादून : आतंकवाद नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आतंकवाद निरोधी नीति प्रहार को धरातल पर लागू किये जाने पर जोर दिया जा रहा है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने के इनपुट्स और उसके साथियों की देशभर में गिरफ्तारियों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था, आगामी चुनाव सहित अन्य मामलों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने से संबंधित निर्देश भी दिए गए है।


मंगलवार को डीजीपी दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कई निर्देश दिए गए। कहा गया कि देश के बड़े राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल ऑपरेशनों के मॉडल का अध्ययन कर राज्य एटीएस के ऑपरेशनों को उसी उच्च पेशेवर स्तर पर अपग्रेड किया जाए। आगामी विधानसभा चुनाव और बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (चीन, नेपाल) से सटे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आईटीबीपी, एसएसबी सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या के साथ ही वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में महानिदेशक अभिसूचना/सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी पी. एण्ड एम/मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, सुरक्षा/ एटीएस सरिता डोबाल, अपर पुलिस अधीक्षक, क्राइम लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना/सुरक्षा अंकुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, सुरक्षा जी.डी. जोशी, पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मनोज के.एस.असवाल व अन्य मौजूद रहे ।
कुंभ मेले और धार्मिक आयोजन में ठोस सुरक्षा कार्ययोजना-
बैठक के दौरान डीजीपी ने कई अन्य निर्देश भी दिए। जिसमें कहा गया कि आगामी कुम्भ मेले और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध व सकुशल संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्य योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। आगामी विधानसभा चुनावों और वीवीआईपी के प्रस्तावित कार्यक्रमों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने को कहा गया। सभी महत्वपूर्ण आयोजनों व व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूर्ण करने को कहा गया।
आतंकवाद की चुनौतियों के लिए विशेष प्रयास —
केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति, रणनीति के तहत अलग अलग रूपों में सामने आ रही आतंकवाद की चुनौतियों के लिए विशेष प्रयास पर बल दिया गया । आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्वों को देखते हुए व्याप्त संवेदनशीलता पर सतर्कता बरतने को कहा गया। इस संबंध में सभी उचित कदम उठाने को कहा गया है।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे निगरानी-
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे सघन निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित कर लिया जाये । संवेदनशील मामलों व सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर फैलने वाली भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन जारी किया जाए। इस दौरान राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखंड पुलिस को प्रदत्त विशिष्ट प्रतीक चिह्न प्रदान करने के लिए प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों के दृष्टिगत भी निर्देश दिये ।
