
देशद्रोह के मुकदमे का डर दिखाकर बुजुर्ग से 27.60 लाख की साइबर ठगी
वीडियो कॉल करके खुद को बताया एनआईए अधिकारी व कमिशनर
डरा धमकाकर अलग अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाया गया पैसा
देहरादून, संवाददाता : देशद्रोह के मुकदमे का डर दिखाकर बुजुर्ग से 27.60 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। वीडियो कॉल करके साइबर ठगों ने खुद को एनआईए अधिकारी और कमिश्नर बताकर झांसे में लिया। आरोप है कि डरा धमकाकर अलग अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई है। मामले की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर क्राइम पुलिस में शिकायतकर्ता रमेश चन्द्र खण्डूरी निवासी रानीपोखरी देहरादून ने शिकायत दी। बताया कि वह वरिष्ठ नागरिक है। उनके पास मोबाइल में एक वीडियो कॉल आई। फोन करने वालों ने कुद को नासिक महाराष्ट्र के पुलिस स्टेशन का पुलिस अधिकारी बताया। शिकायत में बताया कि संजय नाम बताते हुए कहा गया कि तुम्हारे पर गंभीर आरोप है। कहा कि आपका अकाउंट केनरा बैंक में है। जिसमें गैर कानूनी रूप से दो करोड़ रुपये आए है। जबकि इस तरह का कोई भी जानकारी उनके पास नहीं थी। डराते हुए कहा गया कि तुम्हारे ऊपर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा। जांच में सहयोग करने के लिए हर दो घंटे में फोन उठाने और अपना फोटो भेजने के लिए बोला गया। मना करने पर धमकाया गया। धमकाया गया कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया गया तो पूरे परिवार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा। इसके बाद एक व्हाट्सएप पर एक लेटर भी भेजा गया, जो कि डायरेक्ट्रेट ऑफ इन्फोर्समेंट और गिरफ्तारी से संबंधित था। इसके बाद भी विडियो कॉल करके डराया व धमकाया गया। कहा गया कि अगर ये बात किसी से साझा की तो जेल भेज दिया जाएगा। साथ ही कहा गया कि कहना नहीं माना तो किसी भी वक्त गिरफ्तार कर लिया जायेगा। इससे वह बहुत डर गए और कहना मानने पर मजबूर कर दिया गया।
इनसेट-
-पुलिस कमिश्नर की वर्दी और पीछे लगा एनआईए चिन्ह।
बताया गया कि इसके बाद वीडियो काल की गई जिसमें व्यक्ति पुलिस कमिश्नर की वर्दी में था। कुर्सी के पीछे दीवार पर एनआईए का चिन्ह और अशोक का चक्र लगा हुआ था, जिससे वह वास्तविक पुलिस अधिकारी का आफिस लग रहा था। विश्वास में लेकर वेरिफिकेशन के नाम पर पैसा अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिया गया। कहा गया था कि जांच के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। अलग अलग खातों में 28 लाख रुपये होने की जानकारी दी गई। अलग-अलग दिए गए बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। बात मानते हुए पैसा ट्रांसफर कर दिया। 10 सितंबर से 24 सितम्बर के बीच 27.60 लाख रुपये बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके थे। बताया कि और पैसा मांगा जा रहा था। बैंक वालों ने शक होने के कारण पैसा ट्रांसफर नहीं किया और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद साथ साइबर अपराध होने का अहसास हुआ।

