रैकी अभियान में नहीं दिखा कोई ट्रैकर और ना कोई भी सामान
रेस्क्यू के लिए हेलीपैड तैयार करने की योजना पर भी अमल
विषम परिस्थितियों का सामना कर टीम अभियान में जुटी।

देहरादून : उत्तरकाशी के केदारताल क्षेत्र में 07 ट्रैकर्स और 01 गाइड सहित आठ लोगों के फंसने के बाद रविवार को भी चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान हेली रेकी अभियान में ना तो कोई ट्रैकर दिया और ना ही कोई भी सामान दिख पाया। अब विषम परिस्थितियों के बीच केदारताल के पास हेलीपैड तैयार करने की योजना भी बनाई गई है। ज्यादा समय बीतने के साथ ही चिंता भी बढ़ती नजर आ रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक एसडीआरएफ, एनडीआरएफ,वन विभाग, पुलिस और स्थानीय पुलिस के साथ ही संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ एसएआर ऑपरेशन टीम को घटना स्थल के लिए भेजा गया। डीआईओसी उत्तरकाशी की ओर से बताया गया है कि इस रास्ते में जगह-जगह हिमस्खलन और बर्फबारी हो रखी है। जिसे एसएआर टीम द्वारा बर्फ को हटा कर लगातार नया रास्ता बनाया गया। पूर्व में कच्ची ढांग के समीप से 03 पोर्टर और 01 कुक (कुल 04 व्यक्ति) को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। जिन्हें एसएआर की स्पेशल टीम बीती 31 अक्टूबर को गंगोत्री लेकर पहुंची थी। आगे के रास्ते में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन आने से ट्रैक अवरुद्ध होने के कारण आगे नहीं जा सकी थी। 31 अक्टूबर को ही हैली द्वारा केदारताल के मध्य गहन रेकी अभियान चला।, लेकिन इस दौरान टीम को कोई भी ट्रैकर्स और उनका कोई भी सामान नहीं दिखाई दिया। बताया गया है कि दोबारा से एक नवम्बर को यूकाडा के हैली की ओर से एसडीआरएफ. के जवान के साथ घटना स्थल की पुनः सघन रेकी की गई। जिसमें कोई भी ट्रैकर्स और सामान कुछ भी नहीं दिखाई दिया। मौसम खराब होने के कारण हेली रेकी को कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई है। मौसम साफ होने पर हेली रेकी लापता ट्रैकरों को खोजने के लिए जारी रखा जायेगा। एनडीआरएफ की एक स्पेशल एम.आर.टी. टीम और चिकित्सक टीम के अलावा ट्रैकिंग एजेंसी के 04 सदस्यों के साथ गंगोत्री से पैदल रेस्क्यू की टीम घटना स्थल के लिए रवाना है और वह रास्ते में है। मौसम खराब होने के कारण और ट्रैक में भारी बर्फबारी के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही है। वहीं, जानकारी दी गई है कि आपदा प्रबंधन अधिकारी ने आपातकालीन परिचालन केन्द्र में उपस्थित रहते हुए लगातार निगरानी की। सभी संबंधित को एलर्ट मोड पर रखा गया है।

– विशेष माउंटेनियरिंग टीम अभियान में शामिल-
सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने बताया कि लापता ट्रैकर्स और गाइड की तलाश के लिए विशेष माउंटेनियरिंग टीम को अभियान में लगाया गया। एसडीआरएफ की गंगोत्री टीम ने पूर्व में भी केदारताल क्षेत्र में पहुंचकर रेकी की। लेकिन अत्यधिक बर्फबारी और विषम परिस्थितियों के कारण सर्च अभियान को आगे बढ़ाने में कठिनाई आ रही थी। इसके दृष्टिगत हेलीकॉप्टर के माध्यम से क्षेत्र की हवाई रेकी और सर्च करने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में एसडीआरएफ के दो जवान हेड कांस्टेबल रवि चौहान और कांस्टेबल दीपक पंत हेलीकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल पहुंचे। इसके बाद हेलीकॉप्टर की माध्यम से केदारताल क्षेत्र की दो बार सघन हवाई रेकी की गई। वहीं, अभियान को आगे बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त टीम रेस्क्यू और पर्वतारोहण उपकरणों के साथ रवाना की गई। ताकि परिस्थितियों के अनुकूल होने पर सर्च और रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाया जा सके। वर्तमान में संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की आगामी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।


