चेंबर निर्माण को लेकर अधिवक्ताओं की हड़ताल मामला
अधिवक्ताओं की संघर्ष समिति और डीएम के बीच हुई वार्ता
डीएम ने संघर्ष समिति के प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा।
देहरादून : चेंबर निर्माण से संबंधित मांगों को लेकर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता मंगलवाल को पूरे दिन हड़ताल पर रहे। इस बीच 15 सदस्यों की संघर्ष समिति ने प्रस्ताव तैयार कर धरना स्थल पर ही पास करवाया। जिसको डीएम के समक्ष रखा गया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगों और प्रस्ताव को डीएम के समक्ष वार्ता के दौरान रखा गया। इस दौरान लिखित में आश्वासन मिला है कि जब तक चेंबर विस्थापित संबंधित फैसला अमल में नहीं आ जाता तब तक पुराने कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के चेंबर यथावत रहेंगे। इसके साथ ही संघर्ष समिति के प्रस्ताव को जिला प्रशासन ने सरकार को भेजा है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम चंद्र शर्मा ने बताया कि मंगलवार को डीएम सविन बंसल से दो बार वार्ता हुई। संघर्ष समिति ने मांगों से संबंधित छह बिंदुओं का प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष रखा था। डीएम से लिखित में आश्वासन मांगा गया। कुछ बिंदू पर डीएम ने लिखित में आश्वासन दिया है। जिसकी जानकारी बुधवार को धरना स्थल पर सभी अधिवक्ताओं के बीच दी जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से मांगों से संबंधित छह बिंदुओं का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन से मिलने वाले अधिवक्ताओं में संघर्ष समिति के अध्यक्ष व सीनियर अधिवक्ता प्रेम चंद शर्मा, मौजूदा दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, सचिव राजबीर सिंह, पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा ऊर्फ बंटू, अनिल शर्मा, सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य व संघर्ष समिति से जुड़े अधिवक्ता शामिल रहे।
इनसेट–
आज स्पष्ट होगी आगे की रणनीति—
बुधवार को भी अधिवक्ताओं ने नई कोर्ट बिल्डिंग के पास चल रहे धरना प्रदर्शन और चक्का जाम को जारी रखने के फैसला लिया है। हालांकि, डीएम से वार्ता के बाद जो लिखित रूप में मिला है उसकी जानकारी धरना स्थल पर दी जाएगी। इसी के बाद आगे की रणनीति स्पष्ट होगी। बीते आठ दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच कोर्ट और कार्यालय के कार्य प्रभावित है। मंगलवार को हड़ताल जारी रही। बताया गया है कि 19 नवम्बर बुधवार को भी धरना जारी रहेगा। न्यायालयों और कार्यालयों से पूर्ण रूप से विरत् रहेंगे। बस्ते, टाइपिंग, स्टाम्प वैंडर पूर्णत: बंद रहेंगे। साथ ही रजिस्ट्रार ऑफिस भी बंद रहेगा।
–प्रस्ताव में रखे गए है ये बिंदु—
– सरकार प्रशासन के साथ जो भी आश्वासन या फैसले होंगे वह सब लिखित में होंगे
– नई जिला जजी एवं पुरानी जिला जजी में भूमि आवंटित के संबंध में
– पुरानी जिला जजी में आवंटित होने वाली भूमि को नई जिला जजी से जोड़ने के लिए आने जाने के लिए रास्ते के लिए भूमिगत रास्ता-अंडरपास की व्यवस्था
-संपूर्ण चैंबर, भवनों एवं भूमिगत रास्ते का निर्माण सरकार के द्वार अपने व्यय पर अपनी सरकारी एजेंसी से बार एसोसिएशन द्वार नियुक्त समिति के नियंत्रण निगरानी में काराए जाने
– अधिवक्ताओं के चेंबर के भवनों के निर्माण के लिए निर्मित भवनों का हस्तान्तरण एसोसिएशन देहरादून को होने तक संपूर्ण न्यायालय एवं कलेक्ट्रेट परिसर में यथास्थिति बनाए रखे जाने के संबंध में
-पुरानी जिला जजी की भूमि अधिवक्ताओं के चेंबर के लिए आवंटित के लिए उसका नामांतरण राजस्व अभिलेखों में बार एसोसिएशन देहरादून का नाम दर्ज व अंकित करने से संबंधित।
– प्रस्ताव पर विचार होने एवं निर्णय होने पर आंदोलन की रुपरेखा पर विचार।



