व्यापक सत्यापन अभियान, विशेष टीमें गठित
नियमित समीक्षा के साथ ही जवाब देही भी तय होगी
विदेशी नागरिक, घुसपैठियों, बांग्लादेशी, संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई
देहरादून, 15 फरवरी : हाल ही में हुई बड़ी आपराधिक घटनाओं के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद डीजीपी दीपम सेठ ने प्रदेश में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए। संदिग्धों पर कड़ी कार्यवाही, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, घुसपैठियों, बांग्लादेशी और संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों को चिन्हित कर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए पुलिस, एसटीएफ, एसओजी और एलआईयू इकाइयों की संयुक्त मुहिम चलेगी। जिसमें होम डिलीवरी एजेंट से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स, पीजी हॉस्टल्स, आश्रम, जिम और स्पा सेंटर्स पर विशेष फोकस रहेगा। बताया कि थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित होगी। नियमित समीक्षा के साथ ही जवाब देही तय होगी। कहा कि भय मुक्त वातावरण के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए सघन सत्यापन प्रारंभ किया गया है। यह विशेष अभियान प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंटस, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल व गेस्ट हाउस में रहने वालों सत्यापन किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने और संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बताया कि होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों और इंडस्ट्रियल एरिया में ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। अमेजन, जमेटो, बिलिंक किट सहित अलग अलग ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की पहचान व सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।
साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों व केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। नेशनल इंटेलिजेंस ग्रीड, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस, सहित अन्य केंद्रीय/राज्य सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचना मिलान व सटीक विश्लेषण किया जाएगा। अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
–सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता पर फोकस–
प्रदेश के समस्त रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर और सैलून सहित अन्य प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति, रिकॉर्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग प्रदान की जाएगी। क्षेत्रों में निवासरत एकल नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हिकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। उनकी सेवा में लगे घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर और अन्य सहयोगी कार्मिकों का भी अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्यवाही की जाएगी। सीओ से लेकर आईजी रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।


