• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
JANSABHABHARAT
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
JANSABHABHARAT
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
  • कोरोना
  • टेक
Home खबर पहाड़

ब्रिक्स मंच पर चमका उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल, सिल्क्यारा रेस्क्यू की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक

jansabhabharat@gmail.com by jansabhabharat@gmail.com
June 7, 2026
in खबर पहाड़, टेक, दिल्ली, देश-विदेश, देहरादून, नेशनल, राजनीति, राष्ट्रीय ख़बरे, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
0

ब्रिक्स मंच पर चमका उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल, सिल्क्यारा रेस्क्यू की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक

देहरादून। प्राकृतिक आपदाओं और वर्षा जनित संकटों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पुरी में 3 से 5 जून 2026 तक आयोजित BRICS Disaster Risk Reduction (DRR) working group की द्वितीय तकनीकी बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की मुक्त कंठ से सराहना की गई।

तीन दिवसीय इस अहम बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित 11 ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मजबूत अवसंरचना, सामुदायिक आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए सतत वित्तीय व्यवस्थाओं पर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।

सम्मेलन में विभिन्न देशों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने नवाचार और सफल मॉडल साझा किए। इसी क्रम में उत्तराखंड की ओर से सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी (आईपीएस) और यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। दोनों अधिकारियों ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में विकसित आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड की भौगोलिक जटिलताओं, हिमालयी परिस्थितियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, ग्लेशियर झीलों, सड़क अवरोध और तीर्थयात्रा से जुड़े जोखिमों को विस्तार से रखा गया। साथ ही राज्य में विकसित बहु-एजेंसी समन्वय प्रणाली, पूर्व चेतावनी तंत्र और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

विशेष रूप से सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली आपदा प्रबंधन कार्यों को उत्तराखंड के सफल आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में सामने रखा गया। सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक, प्रशासनिक समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

बैठक में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की विशेष सराहना की गई। वहीं, उत्तराखंड एसडीआरएफ की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट आपदा प्रतिक्रिया मॉडल के रूप में रेखांकित किया गया।

सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने कहा, “ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रबंधन को लेकर संवेदनशील और सक्रिय दृष्टिकोण के कारण राज्य में जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता निर्माण और एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए पूर्व तैयारी, स्थानीय समुदायों की भागीदारी, प्रशिक्षित बलों की उपलब्धता और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशन में राज्य में संचालित गतिविधियों को भी प्रतिनिधियों के साथ साझा किया गया। यूएलएमएमसी निदेशक शांतनु सरकार ने कहा, “ भू-स्थानिक तकनीक, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और पूर्व चेतावनी तंत्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अधिक प्रभावी बना रहे हैं। भविष्य की आपदा चुनौतियों से निपटने में तकनीक आधारित समाधान निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”

सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में ब्रिक्स देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सहयोग को मजबूत करना, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना, सामुदायिक स्तर पर तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए साझा रणनीतियां विकसित करना और वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देना शामिल रहा।

BRICS Disaster Risk Reduction (DRR) working group की बैठक में उत्तराखंड के मॉडल को मिली सराहना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के सतत प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।

Spread the love
Tags: #Uttarakhand's #disaster #management model #shines on the #BRICS #platform#उत्तराखंड #देहरादून #अभियान
Previous Post

रुद्रप्रयाग: गहरी खाई में गिरी कार, 05 घायलों को SDRF ने सकुशल निकाला, समय रहते मिला जीवनदान

Next Post

न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं सुदृढ़ बनाने में “जूडिशियम 2.0” महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री

jansabhabharat@gmail.com

jansabhabharat@gmail.com

Next Post

न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं सुदृढ़ बनाने में "जूडिशियम 2.0" महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Contect us : Support@jansabhabharat.com
Contact Us,
.Shabnoor Sana, 66/88 Ghosi Gali Dehradun, Uttarakhand-248001 Email : jansabhabharat@gmail.com

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.