हरिद्वार रोड पर एकत्र होकर अधिवक्ताओं ने उठाया चैंबर का मुद्दा
सोमवार के बाद आज मंगलवार को भी रहेगा विरोध प्रदर्शन जारी
चक्का जाम करने से लेकर एक बजे तक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
देहरादून, 10 नवम्बर : चैंबर निर्माण मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित नए कोर्ट परिसर के बाहर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चक्का जाम कर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि सरकार बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण से संबंधित किसी भी नीति में सहयोग नहीं कर रही है। धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता एक बजे तक कार्य से भी विरत रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार को दस बजे अधिवक्ता दून विधि भवन में एकत्र हुए। इसके बाद वह हरिद्वार रोड स्थित नए कोर्ट परिसर के बाहर सड़क पर बैठ गए। आक्रोश जाहिर करते हुए प्रदर्शन किया और चक्का जाम किया गया। वहीं, फैसला लिया गया कि इसी प्रकार मंगलवार को भी चक्का जाम कर रोष व्यक्त किया जाएगा। कहा गया कि बार एसोसिएशन देहरादून के समस्त अधिवक्ता मंगलवार को सुबह दस बजे विधि भवन के हाल में एकत्रित होंगे। 10:30 बजे से 01 बजे तक हरिद्वार रोड (नए न्यायालय परिसर के बाहर) पर चक्काजाम कर सांकेतिक रूप से रोष प्रकट किया जाएगा। सोमवार की तरह ही अधिवक्ता न्यायालयों और कार्यालयों से 1:00 बजे तक विरत रहेंगे। न्यायालयों में कोई भी कार्य एक बजे के बाद ही किया जाएगा।
दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल और सचिव राजबीर सिंह ने कहा कि मांग पूरी ना होने पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं को शोषण सहन नहीं होगा। जाएजा मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। नई कोर्ट बिल्डिंग बनाई गई लेकिन अधिवक्ताओं के चैंबर की कोई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया। पहले यूसीसी लागू कर वसीयत और मैरिज रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन किया गया। वकीलों ने इस पर अपना पक्ष रखा लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बताया कि मांग पूरी ना होने पर प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
–पांच बीघा जमीन की गई थी आवंटित–
बता दें कि हरिद्वार रोड स्थित नए कोर्ट परिसर में चैंबर निर्माण के लिए पांच बीघा जमीन वकीलों को चैंबर निर्माण के लिए दी गई है। लेकिन वकीलों का कहना है कि वकीलों की संख्या के हिसाब से जमीन कम है। इसलिए और जमीन की मांग की जा रही है। वहीं, जानकारी ये भी मिल रही है कि दून मेडिकल हॉस्पिटल को भी पुराने कोर्ट परिसर में जगह दी गई। जिसमे निर्माण कार्य शुरू होना है। ये ही वजह है कि अधिवक्ताओं का कहना है कि पहले उनको चैंबर निर्माण के लिए जरूरत के मुताबिक जमीन आवंटित की जाए।
—


