मुख्य आरोपी खालिद, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, साबिया सहित के खिलाफ चार्जशीट
देहरादून, 22 दिसम्बर : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मुख्य आरोपी व अभ्यर्थी खालीद, खालिद की बहन साबिया, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि संगठित अपराध करते हुए अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर स्नातक स्तरीय परीक्षा में धोखाधड़ी की और अनुचित साधनों का प्रयोग किया गया। इस मामले में तीनों आरोपी जेल में है।
सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक शहीद हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय अग्रोरा टिहरी गढ़वाल की सहायक प्रोफेसर सुमन, हरिद्वार का रहने वाला आरोपी अभ्यर्थी मोहम्मद खालिद और उसकी बहन साबिया के खिलाफ आरोप पत्र सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल किया है। उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के नियंत्रण और निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की धारा 12(1) और 12(2) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के साथ-साथ 238, 241 और 318(4), उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के नियंत्रण और निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले में सबसे पहले पुलिस ने खालिद और साबिया को गिरफ्तार किया था। सीबीआई को जांच मिलने के बाद सुमन की गिरफ्तारी सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने रायपुर थाने में 22 सितम्बर को दर्ज मुकदमे के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया था। 27 अक्तूबर 2025 को सीबीआई केस दर्ज किया था। आरोपी है कि सहायक प्रोफेसर सुमन ने आरोपी मोहम्मद खालिद, आरोपी साबिया उर्फ सबीहा, आरोपी हिना निवासी सुल्तानपुर आदमपुर, कोतवाली लक्सर हरिद्वार और अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर संगठित अपराध में शामिल होकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में धोखाधड़ी की और अनुचित साधनों का प्रयोग किया।
–ये था मामला–
बता दें बीती 21 सितम्बर को यूकेएसएसएसी की परीक्षा के हरिद्वार के बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र से पेपर लीक हुआ था। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के 12 सवाल बाहर आ गए थे। इसके बाद से पूरे राज्य में हंगामा बरपा था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी हरिद्वार निवासी खालिद, उसकी बहन साबिया, टिहरी की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान, सहित अन्य के खिलाफ देहरादून के रायपुर थाने में नकल विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए खालिद और साबिया को गिरफ्तार कर लिया गया। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने परीक्षा रद्द की मांग की थी। 26 सितम्बर को सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्य न्यायिक आयोग का गठन किया था। जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। बेरोजगार संघ से जुड़े युवा परेड ग्राउंड से पास धरने पर बैठे थे। इसके कुछ दिन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की कर दी थी। जांच में पता चला था कि आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट खालिद के घर के पास में ही था। 17 सितम्बर को खालिद बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र देखने के बहाने गया था। आईफोन स्विच आफ कर स्कूल की नयी बिल्डिंग के निमार्णाधीन हिस्से में ईटों और घास के बीच रख दिया था। परीक्षा से पहले खालिद अपने मोबाइल को साबिया को देकर गया था। परीक्षा केंद्र में चेकिंग के बाद मोबाइल को निकालकर जैकेट की जेब में डाल लिया था। परीक्षा शुरू होते मौका देखकर प्रश्नपत्र के 3 पन्नों की फोटो खींच कर बाथरूम गया और फोटो साबिया को भेज दिए थे। इसके बाद साबिया ने तीनों पेज सुमन को भेजे दिए थे। जवाब को साबिया ने खालिद को भेज दिया था। सुमन बताया था कि प्रश्न पत्र हल करने के बाद जब साबिया को भेजे तो उसकी नजर स्क्रिन शॉर्ट्स में दिख रही ओएमआर शीट पर पड़ी। इसके बाद संदेह होने पर बहन से जानकारी साझा की थी। बहन ने बॉबी पंवार को स्क्रिन शॉर्ट्स भेजे थे। बॉबी ने जानकारी सोशल मीडिया में साझा की तो हड़कंप मच गया था।


