




उत्तराखंड सरकार के चार साल बेमिसाल
धामी सरकार के चार साल में केंद्र से मिली महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी
सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई और पेयजल से जुड़ी कई परियोजनाओं को मिली गति
उत्तराखंड/डबल इंजन वाली सरकार के बीते चार साल के कार्यकाल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच मजबूत कैमिस्ट्री देखने को मिली। इस दौरान केंद्र सरकार ने जहां एक और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाली, कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी, वहीं राज्य के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है।
केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में उत्तराखंड के भीतर लगभग दो लाख करोड़ रूपए से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक और आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाली हैं। जल संसाधन के क्षेत्र में लंबे समय से जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं की प्रतीक्षा की जा रही थी, जिन्हें केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिल गई है। ये परियोजनाएं न केवल पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करेंगी, बल्कि शहरी विस्तार और औद्योगिक विकास के लिए भी आधार तैयार करेंगी।
बीते चार साल में रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, टनकपुर से बागेश्वर तक प्रस्तावित रेल लाइन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलना, पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लगभग 48 हजार करोड़ रूपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। इस बीच ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेललाइन भी तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है।
सड़क एवं रोपवे प्रोजेक्ट
बीते चार सालों में सड़क और रोपवे परियोजनाओं ने भी गति पकड़ी है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, नजीबाबाद-अफजलगढ़ बाईपास और सितारगंज-टनकपुर मोटरमार्ग जैसे प्रोजेक्ट्स इसका उदाहरण हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे पर भी काम शुरू होने जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में 100 करोड़ रूपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती मिलेगी।
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बड़े प्रोजेक्ट्स, बड़ा असर
दो लाख करोड़ रूपए से अधिक की विकास परियोजनाएं
टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को मंजूरी
11 रेलवे स्टेशन अमृत भारत योजना में शामिल
जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं को गति
दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड बनकर तैयार
ऋषिकेश में 100 करोड़ रूपए का अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग प्लेटफॉर्म
“केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों ने उत्तराखंड के विकास को नई दिशा प्रदान की है। आज उत्तराखंड की कनेक्टिविटी देश के बड़े शहरों से मजबूत हुई है, साथ ही गांव गांव सड़क नेटवर्क पहुंच रहा है। उत्तराखंड विकसित भारत में विकसित उत्तराखंड के रूप में योगदान देने के लिए तैयार है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।
अर्थव्यवस्था से लेकर सामाजिक सूचकांक में तक शानदार सुधार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विगत चार साल के कार्यकाल में, राज्य के आर्थिक, सामाजिक सूचकांक प्रगति की असल कहानी बयां करते हैं। इस दौरान उत्तराखंड ने अर्थव्यवस्था से लेकर बुनियादी ढांचा, रोजगार और सामाजिक विकास के कई मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल में राज्य की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। रोजगार, स्वरोजगार को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी राज्य सरकार के प्रयासों से वर्ष 2024- 25 में राज्य की जीएसडीपी 3,81, 889 करोड़ रुपए दर्ज की गई, इस तरह वर्ष 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में डेढ़ गुना का उछाल आया है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय भी 2021-22 में 1 लाख 94 हजार 670 थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 74 हजार रुपए तक पहुंच गई है। वर्ष 2024- 25 में राज्य की ग्रोथ रेट 7.33 प्रतिशत रही। बीते चार साल में राज्य के मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में भी आशातीत सुधार आया है, वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत के मुकाबले, यह अब घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2021-22 में प्वाइंट 718 (.718) प्रतिशत था जो अब सुधर कर प्वाइंट 722 (.722) प्रतिशत हो गया है।
उद्योग को मिला बढ़ावा
धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल में राज्य के भीतर एमएसएमई इकाईयों की संख्या 59,798 से बढ़कर 79,394 तक पहुंच गई है, अकेले इस क्षेत्र में अब 4.56 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। बीते चार साल में लार्ज इंडस्ट्री 107 से बढ़कर 128 और स्टार्टअप्स की संख्या 702 से बढकर 1,750 तक पहुंच गई है। साथ ही लेबर फोर्स पार्टसिपेशन रेट भी 64.4% हो गया है।
स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार
राज्य में शिशु मृत्यु दर 2021-22 में 22 से घटकर 2024-25 में घटकर 20 हो गई है, इसी तरह मातृ मृत्यु दर भी 2021-22 में 103 से घटकर 2024-25 में 91 पर आ गई है। राज्य में लाइफ एक्सपेटेंसी यानि जीवन प्रत्याशा की उम्र 71.7 साल से बढ़कर 73 साल हो गई है।
पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड ने विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। हमारी सरकार ने ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया है। गरीब कल्याण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता रही है। आज उत्तराखंड तेज़ी से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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चार साल बेमिसाल-
साहसिक फैसलों से राष्ट्रीय फलक पर छाए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
यूसीसी, नकल विरोधी कानून के जरिए देश के सामने पेश किया सुशासन का मॉडल
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में बीते चार वर्षों का दौर केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नीतिगत फैसलों के स्तर पर भी राज्य ने राष्ट्रीय पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए, जिन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया बल्कि देश के सामने एक नया मॉडल भी प्रस्तुत किया।
नकल विरोधी कानून
सरकारी नौकरियों में नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया। इसके बाद से उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं। पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था, अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। इस कानून के तहत भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल कराने या अनुचित साधनों में संलिप्तता पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है। पारदर्शी भर्ती पक्रिया के चलते बीते चार साल में प्रदेश में 30 हजार से अधिक युवाओं का सरकारी नौकरी मिल चुकी है।
यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य
सरकार ने 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर दी है। इसी के साथ उत्तराखंड आजाद भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसके बाद देश के कई राज्यों ने इस दिशा में पहल की है। धामी सरकार ने दंगा, हड़ताल, विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवी तत्वों पर लगाम कसने के लिए 2024 से ‘उत्तराखंड लोक एवं निजी सम्पत्ति क्षति वसूली कानून’ लागू कर दिया है। इस कानून के जरिए उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई, बाजार भाव के हिसाब से किए जाने का प्रावधान है।
गैंगस्टर एक्ट को बनाया सख्त
धामी सरकार ने गैंगस्टर एक्ट में संशोधन करते हुए गोवध, मानव तस्करी, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, नकल माफिया, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को इसके दायरे में ला दिया है। इसी तरह जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर 10 साल की गैर-जमानती सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
उत्तराखंड आंदोलनकारी आरक्षण
राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को फिर लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारी आरक्षण पर जारी कानूनी उलझन को सुलझाकर वर्षों से लंबित इस विधेयक को नए सिरे से विधानसभा से पारित करवाया। यह कानून 11 अगस्त 2004 की तिथि से लागू किए जाने के फलस्वरूप विभिन्न राज्याधीन सेवाओं व पदों पर चयनित राज्य आंदोलनकारियों की गई नियुक्तियां वैध मानी जाएंगी।
बड़े फैसले, बड़ा संदेश
नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य
दंगाइयों से वसूली के लिए विशेष कानून
गैंगस्टर एक्ट और धर्मांतरण कानून को सख्त बनाया



