बिल्डर शाश्वत गर्ग परिवार सहित लापता होने का मामला
सीओ, दो इंस्पेक्टर, आईओ सहित अन्य को एसआईटी में किया शामिल
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने जारी किए आदेश
देहरादून, 26 नवम्बर : आवासीय परियोजना में करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर लापाता बिल्डर शाश्वत गर्ग के मामले की जांच सीओ मसूरी मनोज असवाल के नेतृत्व में होगी। आईजी गढ़वाल के निर्देश पर गठित एसआईटी का गठन किया गया है। जिसमें सीओ मसूरी मनोज असवाल के अलावा आईजी कार्यालय में तैनात विद्याभूषण नेगी, राजपुर थाना प्रभारी प्रदीप रावत, आइओ अशोक कुमार सहित अन्य को शामिल किया गया है।
दरअसल, बिल्डर शाश्वत गर्ग परिवार सहित बीते डेढ़ माह से लापता है। आरोप है कि मसूरी रोड स्थित सोसाइटी में फ्लैट निर्माण के नाम पर निवेशकों से रकम बटौरी। बैंकों के करोड़ों रुपये लिया और फरार हो गया। इस मामले में राजपुर थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। बैंक डिटेल खंगाली गई। साथ ही बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए भी पत्राचार किया गया। हालांकि सूत्र बताते हुए है कि संबंधित बैंक खाते खाली है। दारोगा अशोक कुमार दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं। विदेश फरार होने की आशंका के बीच मामले की पड़ताल की जा रही है।
बता दें कि शाश्वत गर्ग, पत्नी साक्षी, पिता, मां और बेटे के साथ बीते 17 अक्टूबर से लापता हैं। शाश्वत गर्ग के हापुड़ यूपी में रहने वाले रिश्तेदार ने हापुड़ पुलिस को शाश्वत गर्ग के लापता होने की सूचना दी थी। जिसके बाद पता चला था कि उनकी कार हरिद्वार तक आई है। इसके बाद शाश्वत का कुछ पता नहीं चल सका। इसी बीच कुछ निवेशक सामने आए और उन्होंने राजपुर थाना पुलिस को शिकायत दी। राजपुर थाना पुलिस ने शाश्वत गर्ग उसकी पत्नी सहित अन्य परिवार सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पता चला था कि बीती 16 अक्टूबर को शाश्वत ससुराल हापुड़ में थे। 17 अक्टूबर को देहरादून के लिए निकले थे। इसके बाद से लापता है।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप बोले कि
मामलें की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। सीओ मसूरी के नेतृत्व में एसआईटी जांच करेगी। दो इंस्पेक्टर को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। टेक्निकल सपोर्ट के साथ विवेचना और शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए है। समय समय पर विवेचना की समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में एसएसपी दून से भी वार्ता की गई है।
राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल रेंज—फोटो—



