न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को मज़बूत बनाने के निर्देश क्विक रिस्पांस टीम, यथासम्भव एटीएस की टीमों का भी न्यायालय परिसरों में किया जाए नियुक्त -डीजीपी
देहरादून, 19 फरवरी
न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने बनाने लिए डीजीपी दीपम सेठ ने निर्देश जारी किये हैं। कहा कि
जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस, पीएसी बल को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाये।
न्यायलयों के प्रवेश और निकासी द्वारों पर सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश/निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति न्यायालय परिसरों में प्रवेश न कर सके। न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कन्ट्रोल की व्यवस्था तथा प्रवेश द्वारों पर न्यायालयों में आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। स्थानीय अभिसूचना इकाई व अन्य पुलिस बल को नियुक्त किया जाये।
ये भी दिए निर्देश।
न्यायाधीशों और न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क कर दिया जाये।
आतंकवादी घटनाओं, बम हमलों आदि के दृष्टिगत अपने-अपने जनपदों में क्विक रिस्पांस टीम व यथासम्भव एटीएस की टीमों का भी न्यायालय परिसरों में नियुक्त किया जाये।
न्यायालयों की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः काल में बम डिस्पोजल दस्ते और डॉग स्क्वाड से एएस चैक की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।
न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जाये।
नियमित पैट्रोलिंग की व्यवस्था
ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों की नियमित रुप से चैकिंग
धमकियों के दृष्टिगत समय-समय पर न्यायालय परिसरों में मॉक ड्रील और आपातकालीन निकास योजना बनायी जाये।


