पकड़े गए आरोपियों में एक छात्र और दूसरा फरार साजिशकर्ता का पिता
बीती 13 फरवरी को गोली मारकर की गई थी विक्रम की हत्या
एसटीएफ और दून पुलिस ने संयुक्त रूप से किया खुलासा
देहरादून: बीती 13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिलवर सिटी मॉल में हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या की सनसनी वारदात का एसटीएफ और दून पुलिस ने संयुक्त रूप से खुलासा किया है। इस मामले में साजिशकर्ता व मददगार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना की कहानी से पर्दा उठाया गया है। खुलासा किया गया है कि विक्रम की हत्या की योजना करीब छह माह पहले बनाई जा चुकी थी। जमशेदपुर और नोएडा में विक्रम शर्मा की हत्या की तैयारी थी, लेकिन विक्रम के साथ ज्यादा लोगों के होने के चलते बदमाश योजना को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। पुलिस ने दो की गिरफ्तारी कर भले ही खुलासा कर दिया है लेकिन, मुख्य शूटर सहित छह आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। जिनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। फरार आरोपियों पर 2-25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है।
बीती 13 फरवरी को हुई इस सनसनी खेज वारदात का 11 दिन बाद सोमवार को एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर दो की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए खुलासा किया। बताया कि विक्रम झारखंड में आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ा था। वारदात के बाद मोटर साइकिल सवार 03 बदमाशों की तलाश शुरू की गई। घटना में इस्तेमाल मोटर साइकिल को सहस्त्रधारा रोड में खड़ी मिली। इसी क्षेत्र में पूर्व से खड़ी की गई मोटरसाइकिल व स्कूटी से हरिद्वार की ओर भागे थे। पता चला कि घटना में इस्तेमाल मोटर साइकिल जितेन्द्र कुमार साहु निवासी पूर्वी सिंहभूम झारखंड के नाम पर रजिस्टर्ड है। स्कूटी और बाइक हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों से आकाश कुमार प्रसाद निवासी बागबेडा जमशेदपुर झारखंड की आईडी पर लिए गए थे। राजकुमार निवासी गाराबास बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखंड की यूपीआई आईडी से उसका भुगतान किया गया था।
–काली स्कॉर्पियों कार से जुड़ी कड़ियां–
एसएसपी के मुताबिक आने-जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से काली स्कॉर्पियों का पता चला। 23 फरवरी सुबह स्कार्पियो ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा – 2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर निवासी बाबा बरूदा अपार्टमेंट, फ्लैट नम्बर बी-8 जुगसलाई, जमशेदपुर झारखंड के पास से बरामद की गई। मोहित उर्फ अक्षत को हिरासत में लेते हुए पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया। मोहित ने आशुतोष, अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश और अन्य की भूमिका बताई। घटना में अभियुक्त मोहित की संलिप्तता मिलने पर गिरफ्तार किया गया।
–मोहित ने ही की थी बदमाशों की रहने, खाने पीने की व्यवस्था–
पकड़े गए आरोपी में मोहित ऊर्फ अक्षत गलगोटिया यूनिवर्सिटी का छात्र निवासी बाबा बरूदा अपार्टमेन्ट फ्लैट नम्बर बी-1 जुगसलाई जमशेदपुर झारखंड और राजकुमार साजिशकर्ता यशराज का पिता निवासी गाराबास बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखंड शामिल है। मुख्य अभियुक्तों के रूकने और उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत ने ही कराई थी। वहीं, हरिद्वार से लिए गई स्कूटी के किराए का भुगतान गैंग में शामिल साजिशकरत्ता यशराज के पिता राजकुमार की यूपीआई आईडी से हुआ था। यशराज के नाम पर रजिस्टर्ड काले रंग की स्कॉर्पियों का इस्तेमाल वारदात के बाद बदमाश ने फरार होने में किया था। खुलासे में बताया गया है कि तीनों अभियुक्तों के हरिद्वार से एक काली रंग के स्कार्पियो जेएच-05-डीजेड-5517 से भागे थे। पता चला कि स्कॉर्पियों जमशेदपुर में सारिका इन्टरप्राइजेज के प्रापराईटर यशराज के नाम पर रजिस्ट्रर्ड है। टीम जमशेदपुर पहुंची। 19 फरवरी को राजकुमार को उसे जमशेदपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। राजकुमार से पूछताछ में पता चला कि काले रंग की स्कार्पियो उसके बेटे यशराज के नाम पर है। पता चला कि ये स्कॉर्पियों अभियुक्त यशराज के परिचित आशुतोष व उसके अन्य साथियों ले गए थे। अभियुक्तों आशुतोष व उसके अन्य साथियों के की जानकारी की गई।
–इनकी हुई गिरफ्तारी–
1- मोहित ऊर्फ अक्षत ठाकुर निवासी बाबा बरूदा अपार्टमेन्ट फ्लैट नम्बर बी-1 जुगसलाई जमशेदपुर झारखंड और राजकुमार निवासी गाराबास बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखंड की गिरफ्तारी हुई।
शूटरों सहित इन छह की है तलाश–
अंकित वर्मा निवासी टंगरा जिला जमशेदपुर झारखंड, आशुतोष सिंह निवासी जमशेदपुर झारखण्ड, विशाल सिंह निवासी गराबासा बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड, आकाश कुमार प्रसाद निवासी बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड, यशराज पुत्र राजकुमार निवासी जमशेदपुर झारखण्ड, जितेन्द्र कुमार साहु निवासी पूर्वी सिंहभूम झारखंड फरार चल रहे है। इन पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित किया गया है।
ये था मामला-
बीती 13 फरवरी को राजपुर रोड स्थित सिल्वरसिटी माल में हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा को एक के बाक एक कई गोलियां मारी थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना उस समय अंजाम दी गई थी जब विक्रम जिम से वापस सहस्त्रधारा रोड अमन विहार स्थित घर लौट रहा था। परिचित अखिलेश सिंह की तहरीर के आधार पर डालानवाला कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद से पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। क्योंकि लगातार हत्याओं की वारदातों के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते गए।


