काशीपुर में अवैध डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़, 21 दिन में 45 हजार से अधिक कॉल का खुलासा
एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की संयुक्त कार्रवाई, एनएस एंटरप्राइज के नाम से चल रहा था संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप; एक आरोपी गिरफ्तार
देहरादून, संवाददाता (खुर्रम शम्सी)। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने ऊधमसिंह नगर के काशीपुर में अवैध टेलीकॉम सेटअप का खुलासा किया है। एनएस एंटरप्राइज के नाम से संचालित इस सेटअप में एसआईपी कनेक्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग गेटवे को बाईपास करने और ऑटोमेटेड यानी रोबो कॉलिंग किए जाने की आशंका सामने आई है। तकनीकी इनपुट के अनुसार, महज 21 दिनों में इस सेटअप से 45,453 आउटगोइंग कॉल की गईं। एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की संयुक्त जांच में कंप्यूटर, राउटर, नेटवर्किंग उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों तथा अवैध टेलीकॉम नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ एवं साइबर नीलेश आनंद भरणे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम को काशीपुर में संदिग्ध टेलीकॉम गतिविधियों की जानकारी मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दूरसंचार विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से मौके पर जांच की गई।
कंप्यूटर में मिले अहम डिजिटल साक्ष्य
जांच के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में लिनक्स आधारित वर्चुअल मशीन, फ्रीपीबीएक्स लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और एसएसएच क्लाइंट से संबंधित साक्ष्य मिले। इसके अलावा व्हाट्सऐप वेब से संबंधित डिजिटल डेटा भी प्राप्त हुआ। एसटीएफ के मुताबिक, व्हाट्सऐप चैट में एसआईपी ट्रंक, एसआईपी केबल और इंटरनेट कनेक्शन को लेकर बातचीत मिली है। कंप्यूटर सिस्टम और वर्चुअल मशीन का रैम डंप तथा अन्य तकनीकी लॉग भी सुरक्षित किए गए हैं। इनका विश्लेषण कर कॉलिंग गतिविधियों और नेटवर्क के संचालन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
जियो और एयरटेल के उपकरण बरामद
कार्रवाई के दौरान टीम ने एक कंप्यूटर, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक सेटू वीटीईपी उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए। एसटीएफ के अनुसार, प्रारंभिक तकनीकी जांच में एसआईपी कनेक्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग गेटवे को बाईपास करने और कम अवधि में स्वचालित कॉल किए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, इन गतिविधियों के उद्देश्य और संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
मुरादाबाद निवासी आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1) और 42(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के मुताबिक, मामले में बरामद उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एक माह में तीन मुकदमे, चार आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ के अनुसार, अवैध सिम बॉक्स और टेलीकॉम सेटअप से संबंधित कार्रवाई के तहत पिछले एक माह में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसटीएफ ने लोगों से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।



