आईएमए में रचा गया इतिहास: पहली बार नौ महिला सैन्य अफसर बनीं भारतीय सेना का हिस्सा


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में 515 कैडेट्स ने पासिंग आउट प्लेट में हिस्सा लिया 9 महिला कैंडीडेट्स भी बनी सैन्य अफसर
🟥 मुख्य बिंदु (बॉक्स)
▪️ आईएमए की पासिंग आउट परेड में पहली बार 9 महिला कैडेट्स बनीं सैन्य अफसर
▪️ कुल 515 कैडेट्स ने पासिंग आउट परेड में लिया हिस्सा
▪️ 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स हुए पासआउट
▪️ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली
▪️ 16 मित्र देशों के कैडेट्स ने भी पूरा किया प्रशिक्षण
▪️ पीपिंग सेरेमनी में नव नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर सजे सितारे
देहरादून।
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून ने शनिवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। अकादमी की पासिंग आउट परेड (पीओपी) में पहली बार नौ महिला कैडेट्स प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी बनीं और भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित इस गौरवपूर्ण समारोह में कुल 515 कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की।
आईएमए के ऐतिहासिक परेड मैदान पर सुबह से ही उत्साह, गर्व और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया। सुबह 6:40 बजे शुरू हुई परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सलामी लेकर कैडेट्स के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण को नमन किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
महिला अधिकारियों ने रचा नया इतिहास
इस बार की पासिंग आउट परेड का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण वह रहा, जब पहली बार आईएमए से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में पासआउट हुईं। इनके सेना में शामिल होने को भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
विदेशी कैडेट्स भी बने अपने देशों की सेनाओं का हिस्सा
परेड में शामिल 515 कैडेट्स में 481 भारतीय कैडेट्स तथा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये विदेशी कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे।
पीपिंग सेरेमनी में सजे सितारे
परेड के समापन के बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी में नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। इस भावुक और गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने परिजनों ने अपने बेटे-बेटियों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
महिला राष्ट्रपति के रूप में दूसरा अवसर
यह दूसरा मौका है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी इस ऐतिहासिक परेड की सलामी ले चुकी हैं।
इस बार की पासिंग आउट परेड ने जहां 515 युवा अधिकारियों को देश सेवा के लिए सेना को सौंपा, वहीं पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारियों के पासआउट होने के साथ भारतीय सैन्य अकादमी और भारतीय सेना के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जोड़ दिया।



