• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
JANSABHABHARAT
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
JANSABHABHARAT
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
  • कोरोना
  • टेक
Home उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान

jansabhabharat@gmail.com by jansabhabharat@gmail.com
January 17, 2026
in उत्तराखंड, खबर पहाड़, टेक, दिल्ली, देश-विदेश, देहरादून, राजनीति, राष्ट्रीय ख़बरे, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
0

मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान

सभी होटलों के मेन्यू में पारंपरिक उत्तराखंडी व्यंजन शामिल करने के निर्देश

शेफों के लिए साझा प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में पर्यटन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

श्रीअन्न बना उत्तराखंड के समग्र विकास और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम

पारंपरिक व्यंजनों की शुद्धता और मानकीकरण पर सरकार का फोकस

युवाओं के लिए फूड स्टार्टअप, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में नए अवसर

शेफ संवाद से निकले विचार देंगे उत्तराखंड के पर्यटन और संस्कृति को नई पहचान

उत्तराखंड/ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम्रपाली विश्वविद्यालय परिसर से आयोजित श्रीअन्न आधारित “शेफ संवाद” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े युवा शेफ, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों, श्रीअन्न आधारित खानपान और इससे जुड़े रोजगार व पर्यटन अवसरों पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से युवा शेफों ने उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन के प्रचार–प्रसार, गुणवत्ता मानकों, सरकारी प्रयासों और इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर अनेक प्रश्न किए। शेफ शक्ति प्रसाद के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी होटलों के मेन्यू में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में मेहमानों को उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन प्राथमिकता से परोसा जाता है, जिससे स्थानीय व्यंजनों को सम्मान और पहचान मिल सके।

शेफ संजीव जुयाल द्वारा उत्तराखंड के सभी शेफों को एक साझा मंच पर लाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में पर्यटन विभाग को एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि राज्य के शेफ समुदाय को एक अंब्रेला प्लेटफॉर्म के तहत जोड़ा जा सके और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें।

वहीं, शेफ सुनील उपाध्याय द्वारा पारंपरिक उत्तराखंडी भोजन की शुद्धता, प्रमाणिकता और मानक तय करने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है। पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी पहचान संरक्षित करने और मानकीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उत्तराखंड के स्वाद की मौलिकता बनी रहे।

उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग और कौशल विकास विभाग मिलकर इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि युवा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर अग्रसर हों।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह संवाद केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी शेफ साथियों, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए आम्रपाली विश्वविद्यालय और उसकी पूरी टीम को इस विचारशील और सार्थक “शेफ संवाद” कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संस्कारों, संस्कृति और विविध व्यंजनों की भूमि है। यहां के व्यंजन पहाड़ों की जीवनशैली, परंपराओं और आत्मा की कहानी कहते हैं। आज का पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव भी करना चाहता है। ऐसे में शेफों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे स्थानीय स्वाद के माध्यम से राज्य की पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी कहा कि आज का शेफ केवल रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संस्कृति का संवाहक, पर्यटन का ब्रांड एम्बेसडर और रोजगार सृजन का माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में स्थानीय व्यंजनों, आतिथ्य परंपरा और शेफ समुदाय का योगदान अतुलनीय है।

श्रीअन्न पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल भोजन या फसल नहीं, बल्कि उत्तराखंड के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बन रहा है। श्रीअन्न के माध्यम से गांव, किसान और समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मंडुवा, झंगोरा, कोदा और रामदाना जैसी फसलें कम पानी में उगने वाली, पोषक तत्वों से भरपूर और किसानों की आय बढ़ाने वाली हैं, जो उत्तराखंड की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज श्रीअन्न के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर मोटे अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक है और कुल वैश्विक उत्पादन में लगभग 38.4 प्रतिशत योगदान देता है। बदलती वैश्विक खाद्य प्राथमिकताओं के बीच फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ फूड, होटल, कैफे, होम-स्टे और फूड स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।

राज्य सरकार की सोच को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत युवा देश के विभिन्न हिस्सों से उत्तराखंड वापस लौटे हैं, जो राज्य में बढ़ते अवसरों का प्रमाण है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने शेफ समुदाय से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि सभी मिलकर उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को “लोकल से ग्लोबल” बनाने की दिशा में कार्य करें। उनकी रचनात्मकता और प्रस्तुति उत्तराखंड के स्वाद को दुनिया की थाली तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “शेफ संवाद” से निकले विचार उत्तराखंड को पर्यटन, रोजगार और संस्कृति के क्षेत्र में एक नए विजन के साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे और उत्तराखंड को सशक्त, आत्मनिर्भर व गौरवशाली राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।

इस अवसर पर विधायक  बंशीधर भगत, आम्रपाली विश्वविद्यालय से श्री संजय मिश्रा सहित देश भर से आए अनेक प्रतिष्ठित शेफ उपस्थित रहे।

Spread the love
Tags: #Chief Minister Dhami's #'interaction with the chef community
Previous Post

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने की शिष्टाचार भेंट

Next Post

देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘ध्वज वंदन समारोह’

jansabhabharat@gmail.com

jansabhabharat@gmail.com

Next Post

देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'ध्वज वंदन समारोह'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Contect us : Support@jansabhabharat.com
Contact Us,
.Shabnoor Sana, 66/88 Ghosi Gali Dehradun, Uttarakhand-248001 Email : jansabhabharat@gmail.com

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.