• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
JANSABHABHARAT
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
  • क्राइम
  • खेल
  • शिक्षा
  • खबर पहाड़
  • राजनीति
  • देश-विदेश
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
  • क्राइम
  • खेल
  • शिक्षा
  • खबर पहाड़
  • राजनीति
  • देश-विदेश
No Result
View All Result
JANSABHABHARAT
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
  • अन्य -राज्य
  • कोरोना
  • टेक
  • क्राइम
  • खेल
  • शिक्षा
  • खबर पहाड़
  • राजनीति
  • देश-विदेश
Home उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने BTIndia@100 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

jansabhabharat@gmail.com by jansabhabharat@gmail.com
August 21, 2026
in उत्तराखंड, देहरादून
0
मुख्यमंत्री ने BTIndia@100 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री ने BTIndia@100 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

राज्य की औद्योगिक क्षमता और विकास मॉडल को देश के समक्ष रखा

औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति दे रहा उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में इंडिया टुडे ग्रुप के मेगा ब्रांड बिजनेस टुडे द्वारा आयोजित BTIndia@100 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand: Powering India’s Industrial Growth’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए उत्तराखण्ड की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों तथा राज्य के विकास मॉडल को देश के प्रमुख उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के समक्ष रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड की औद्योगिक पहचान में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। राज्य सरकार द्वारा निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित न रखते हुए उनके धरातल पर उतारने के लिए पहले से ही नीतिगत और प्रशासनिक तैयारियां की गईं। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम ग्राउंडिंग के रूप में सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य के पास बड़े औद्योगिक लैंड बैंक सीमित हैं, लेकिन हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जैसे क्षेत्रों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने उद्योग जगत को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को भूमि के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की मजबूत कनेक्टिविटी को निवेश के लिए बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार पहले से ही राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि क्षेत्र के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पौड़ी, अल्मोड़ा और चमोली में औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं, एक जिला-दो उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी राज्य को निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में अग्रणी स्थान प्राप्त हुआ है।

युवाओं और रोजगार के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद लगभग दो दशकों में जहां करीब 16 हजार नियुक्तियां हुई थीं, वहीं पिछले पांच वर्षों में ही 34 हजार से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्टार्टअप और स्वरोजगार के बढ़ते इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला था, तब राज्य में करीब 700 स्टार्टअप थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या लगभग 2,000 तक पहुंच गई है। होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं और महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उत्पाद तैयार करने, बाजार से जोड़ने, प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा ऋण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत अब तक 13 हजार से अधिक लोगों ने प्रशिक्षण पूरा किया है।

पलायन की चुनौती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को राज्य के काम लाना शामिल है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से अब राज्य में रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को भी राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश जैसी यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में ही 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालु आए। आदि कैलाश क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री ने जेन-जी को ‘इंडियन जनरेशन’ बताते हुए कहा कि आज का युवा दुनिया से जुड़ा हुआ, जागरूक और अपनी आकांक्षाओं को लेकर स्पष्ट है। डिजिटल और संचार क्रांति ने युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं की अपेक्षाओं को सुने और उन्हें बदलती दुनिया के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड निवेश के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और संभावनाओं से भरा राज्य है। राज्य की प्राकृतिक संपदा, गंगा और यमुना जैसी नदियां, बेहतर कानून-व्यवस्था, कुशल मानव संसाधन, पर्यटन क्षमता और बढ़ती कनेक्टिविटी इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखण्ड की संभावनाओं को देखने और राज्य में निवेश के लिए आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने मंच के माध्यम से मारुति और हुंडई सहित देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि, बुनियादी सुविधाएं और अनुकूल नीतिगत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का विकास मॉडल अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी, स्थानीय उत्पाद और पर्वतीय क्षेत्रों में नई आर्थिक गतिविधियों को जोड़कर राज्य एक व्यापक और संतुलित विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि निवेश और रोजगार के नए अवसरों का लाभ राज्य के मैदानी और पर्वतीय, दोनों क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे और उत्तराखण्ड को देश की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाया जा सके।

Spread the love
Tags: #ChiefMinister participated in #BTIndia@100 #programme
Previous Post

मुख्यमंत्री धामी बोले सरकार महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित

Next Post

रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री

jansabhabharat@gmail.com

jansabhabharat@gmail.com

Next Post
रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री

रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Contect us : Support@jansabhabharat.com
Contact Us,
.Shabnoor Sana, 66/88 Ghosi Gali Dehradun, Uttarakhand-248001 Email : jansabhabharat@gmail.com

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
  • क्राइम
  • खेल
  • शिक्षा
  • खबर पहाड़
  • राजनीति
  • देश-विदेश

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.