
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी के ठिकानों में ईडी का छापा
नकदी और महंगी घड़ियां बरामद, बैंक बैलेंस जब्तजब्त और फ्रिज की गई संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 1.28 करोड़
यूकेएसएसएससी वीपीडीओ परीक्षा, 2016 में अनियमितताओं से संबंधित कई स्थानों पर तलाशी
देहरादून : ईडी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के ओएसडी व पर्सनल असिस्टेंट रहे चंदन सिंह जीना के घर व अन्य ठिकानों में सर्च ऑपरेशन चलाया। डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ईडी) ने बीती वीरवार को को ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002’ के तहत देहरादून में कई जगहों पर तलाशी अभियान के दौरान कार्रवाई की। यह कार्रवाई उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा, 2016 में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के सिलसिले में की। यह मामला देहरादून के विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमे और इस मामले में दर्ज तीन अन्य एफआईआर से जुड़ा है।
ईडी से मिली जानकारी के मुताबिक तलाशी अभियान यूकेएसएसएससी के तत्कालीन चेयरमैन और तत्कालीन सेक्रेटरी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रोसेसिंग के लिए हायर की गई प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और साजिश में शामिल बिचौलियों के घरों पर चलाया गया। इसके अलावा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे चंदन सिंह जीना के घर पर भी तलाशी ली गई। चंदन सिंह जीना 2014 से 2017 तक हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके ओएसडी भी रह चुके हैं।
-ये है आरोप–
ईडी के मुताबिक जांच से पता चला है कि ओएमआर आंसर शीट को यूकेएसएसएससी के तत्कालीन सेक्रेटरी के निजी घर भेजा गया था। वहां, अधूरी भरी हुई ओएमआर शीट के रोल नंबर नोट किए जाते थे और उन्हें एक प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंप दिया जाता था। आरोप है कि ये कर्मचारी बिचौलियों के ज़रिए गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर धोखाधड़ी से आंसर भरते और उनमें बदलाव करते थे। आरोप है कि इसके बाद उन्हें फिर से सील कर दिया जाता था।
नकदी, सोने के सिक्के, चेन और महंगी गाड़ियां बरामद———
ईडी के मुताबिक चंदन सिंह जीना के घर की तलाशी के दौरान 32 लाख की नकदी, लगभग 200.5 ग्राम वजन के 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन, रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफिस जैसे ब्रांडों की 12 लग्जरी घड़ियां बरामद हुईं। तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए, जिनमें 52,16,312 रुपये का क्रेडिट बैलेंस था। फोरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि उन्होंने बिना किसी स्पष्ट स्रोत के नकद में भी भारी खर्च किए थे। बरामदगी और नकद खर्चों का मिलान उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से नहीं हो पा रहा है। चंदन सिंह जीना के घर पर जब्त और फ्रिज की गई संपत्ति का कुल मूल्य अभी लगभग 1.28 करोड़ रुपये बताया गया है। बाकी 12 लग्ज़री घड़ियों की कीमत का अलग से पता लगाने पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। इस कार्रवाई के दौरान, तलाशी लिए गए लोगों के मोबाइल फ़ोन फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए। साथ ही, यूकेएसएसएससी के कई पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास से बिना हिसाब-किताब वाला कैश (छोटी रकम से लेकर लाखों रुपये तक) और कुछ मामलों में सोने के गहने भी बरामद किए गए। ईडी का कहना है कि मामले की जांच आगे की जांच है।
