पूर्व मुख्य सचिव का बेटा जालसाजी और धोखाधड़ी में गिरफ्तार
महिला साइंटिस्ट सहित अन्य को बना चुका था धोखाधड़ी का शिकार
आईपीएस, सैनिक अधिकारी, रॉ एजेंट बताकर करता था जालसाजी
आईपीएस अधिकारी बनने का था सपना, सफला नहीं मिलने पर बना जालसाज
कई एजेंसियों का फर्जी विजिटिंग कार्ड, आईडी व यूनिफॉर्म बरामद

देहरादून,—पूर्व मुख्य सचिव के बेटे आर. यशोवर्धन को राजपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि खुद को अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ कर विश्वास में लेता था और उनसे पैसा लेकर हड़प लेता था। महिला की शिकायत सहित अन्य शिकायतों के बाद दो अलग अलग मामले दर्ज करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी कर ली है। एक व्यक्ति को कंपनी का पंजीकरण कराने के नाम पर और एक महिला को रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट के पद पर नौकरी दिलाने के एवज में रकम हड़पी थी।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि आर. यशोवर्धन पुत्र एस. रामास्वामी निवासी मकान नंबर पांच ऑफीसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी आईएचएम कैंपस गढ़ी कैंट देहरादून की गिरफ्तारी की गई है। बीती आठ जुलाई को अंशुल उपाध्याय निवासी डाकरा बाजार कैंट देहरादून ने शिकायत दी। बताया कि यशोवर्धन नाम के व्यक्ति ने अपने आप को वरिष्ठ अधिकारी बताकर उन्हें होटल जिंजर निकट साईं मंदिर देहरादून में मिलने के लिए बुलाया। उनकी दिवंगत माता की स्मृति में उनके नाम पर एक कंपनी का पंजीकरण जल्द करने के एवज में उनसे 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया । वहीं, 15 जुलाई को डॉ. अनुषा निवासी सोशल स्टेज हॉस्टल कैनाल रोड देहरादून ने राजपुर थाने में तहरीर दी। बताया कि यशोवर्धन नाम के व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड व आईडी दिखाई। प्रभाव में लेकर रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट के पद पर नौकरी दिलाने के एवज में धोखाधड़ी कर 4.60 लाख रुपए हड़प लिए। इस शिकायत पर भी मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि आरोपी ने खुद को फर्जी अधिकारी बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए। दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण कर उसके आसपास और आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। तमाम प्रयास के दौरान अभियुक्त यशोवर्धन को चेकिंग के दौरान सीएसआई तिराहा मसूरी रोड से गिरफ्तार किया गया।
परीक्षा में नहीं मिली थी सफलता–
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया गया कि उसके पिता वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी है। बचपन से उसका सपना अधिकारी बनने का था। बचपन से अपने पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर व सुविधा देखी थी। उसके मन में बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारी बनने का सपना था। उसने कई सालों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की। लेकिन परीक्षा में वह सफल नहीं हो पाया। असफलता हाथ लगने पर उसने खुद को फर्जी आईपीएस व अन्य एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर अपना रौब झाड़ने लगा। लोगों को वह अपने पद का प्रभाव डालकर उनको नौकरी दिलवाने और उनके टेंडर व अन्य काम जल्दी करवाने के नाम पर लाखों रुपए की जालसाजी व धोखाधड़ी करने लगा। बात करने का तरीका और यूनिफॉर्म व आई कार्ड (फर्जी) देखकर लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस ने आरोपी के पास से पांच फर्जी आई कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, 25 पुलिस और आर्मी के लोगो, आर्मी व तीन जोड़ी पैरामिलिट्री की वर्दी, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और लैपटॉप बरामद किया गया है।
