मेडिकल स्टोर्स में मिली अनियमितता और लापरवाही, 05 कराए बंद

टीम की सूचना मिलने पर कई दुकान बंद कर भागे
कहीं एक्सपायरी दवाइयां तो कही मिली गंदगी और लापरवाही

देहरादून (uttarakhand)— जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून और ड्रग विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया तो तमाम खामियां, लापरवाही और गंदगी मिली। आम आदमी की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे पांच मेडिकल स्टोर को बंद करवाया गया। वहीं, निरीक्षण में यह भी पाया गया कि सभावाला, छोटा-रामपुर, बड़ा-रामपुर, सुद्धोवाला, सहसपुर क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोरों ने निरीक्षण की जानकारी होते ही अपने-अपने मेडिकल स्टोर बंद कर दिये, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि सेफ ड्रेग्स सेफ लाइफ अभियान के तहत ड्रग विभाग के साथ अभियान चलाया गया। सहसपुर, बड़ा-रामपुर, छोटा-रामपुर, झाझरा, सुद्धोवाला, देहरादून के अलग अलग मेडिकल स्टोर्स का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मानेन्द्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विनोद जगूड़ी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में औषधियों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण, औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी नियमों और अन्य वैधानिक प्रावधानों सहित स्टोर्स के लाइसेंस, फार्मासिस्ट रिकॉर्ड, एक्सपायरी दवाइयां के अलावा सीसीटीवी संचालन की जाँच की गई।
बताया कि पहले मामले में बालाजी मेडिकोज सभावाला सहसपुर स्टोर में एक कर्मचारी मिला। फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक अनुपस्थित थे। कर्मचारी ने फोन करने पर स्टोर फार्मासिस्ट को बुलाया। फ्रिज पुराना व खराब अवस्था में पाया गया, जिसमें मौजूद अधिकांश दवाइयां एक्सपायरी मिलीं, जिस पर कार्यवाही करते हुए निरीक्षण टीम ने सभी दवाइयों को जब्त किया। रैक में अत्यधिक गंदगी और धूल पायी गयी। स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर निरीक्षण टीम ने स्टोर को बंद कराया। स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है। संतोषजनक स्पष्टीकरण ना मिलने पर स्टोर का लाइसेंस निरस्त होगा।
दूसरा मामला पर्व मेडिकल स्टोर सभावाला सहसपुर का है। जहां स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। छः माह पूर्व की एक्सपायरी दवाइयां मिली। नारकोटिक्स बिल नहीं दिखाये गये। अनियमितताओं के मद्देनजर स्टोर को तत्काल बंद कराया गया। क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।
तीसरा मामला ग्लोबल फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स बड़ा रामपुर सहसपुर से जुड़ा है।स्टोर साफ-सुथरा पाया गया। निरीक्षण में एक्सपायरी दवाइयां नहीं मिली। फ्रिज में तापमान डिस्प्ले पाया गया। एक्सपायरी दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित मिला। बताया गया कि नारकोटिक्स दवाइयों का विक्रय उनके द्वारा नहीं किया जाता। निरीक्षण टीम द्वारा दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित रखने और सही दवाइयों के क्रय-विक्रय के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चौथा मामला जनता मेडिकल स्टोर छोटारामपुर स्टोर में एक्सपायरी दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित पाया गया। अत्यधिक गंदगी पायी गयी। एक्सपायरी दवाइयों के का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। फ्रिज खराब अवस्था में मिला, जिसमें विभिन्न इंजेक्शन डीप फ्रीजर में रखने के कारण खराब अवस्था में पाये गये। स्टोर को तत्काल बंद कराया गया। क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।
पांचवे मामले में शंभु मेडिकल स्टोर, झाझरा, सहसपुर, में निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरा नहीं था। एक्सपायरी दवाइयों के रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। दिशा-निर्देश दिये गये और स्टोर की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण होने पर ही स्टोर को पुनः खोलने का आदेश दिया गया।
छठे मामले में हेल्थ केयर फार्मेसी, सुद्धोवाला, सहसपुर, फार्मासिस्ट और स्टोर के मालिक अनुपस्थित मिले। फ्रिज बंद पाया गया। अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया। स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गई। संतोषजनक जवाब ना मिलने पर स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी।
बयान–सीमा डुंगराकोटी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून का कहना है कि…
आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। अपील है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित औषधियों का विक्रय, एक्सपायरी दवाइयों का उपयोग और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त हो, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दें।

