शर्मनाक: मां ने 15 साल की बेटा का डेढ़ लाख में किया सौदा
डेढ़ लाख में नाबालिग को खरीदने के बाद आगे दो लाख में बेचा गया
मुजफ्फरनगर निवासी आरोपी ने शादी के लिए दो लाख में खरीदा
पीड़िता की मां सहित चार लोगों की गिरफ्तारी
मां ने अपहरण की रची थी झूठी कहानी–
देहरादून — किशोरी के अपरहण की घटना का पुलिस ने चौकाने वाला पर्दाफाश किया है। किशोरी की मां पूरे प्रकरण की सूत्रधार निकली। आरोप है कि पीड़िता की मां ने अपनी 15 साल की बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया था। सौदे की पूरी रकम न मिलने पर अपहरण की झूठी कहानी रच कर पुलिस को शिकायत दी थी। घटना में शामिल पीड़िता की मां सहित 04 अभियुक्तों को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता को मुज्जफरनगर से बरामद किया गया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि राजपुर थाना पुलिस ने बताया कि बीती पांच जुलाई को नीलम देवी निवासी नागल हटनाला सहस्त्रधारा रोड ने अपनी नाबालिक बेटी का अपहरण होने की शिकायत दी। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन के साथ-साथ मैनुअल पुलिसिंग के माध्यम से अपहृत नाबालिग के सम्बन्ध में जानकारी की गई। अपहृत नाबालिग के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी पुलिस टीम को मिली। जिस पर तत्काल एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना हुई। पुलिस टीम ने नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल दो अभियुक्तों मनीष व लवी कुमार को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग को बरामद किया। पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ की गई। अभियुक्त लवी कुमार ने पिंकी मलिक नाम की एक महिला की जानकारी दी और बताया कि पिंकी मलिक के माध्यम से नाबालिग को उसकी माता नीलम देवी से डेढ़ लाख रूपये में खरीदना था। जिसे उसने दो लाख में अभियुक्त मनीष को बेचा था। पता चला कि विवाह करने के लिए मनीष ने पीड़िता को लवी कुमार से खरीदा था। पूछताछ के आधार पर अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए। घटना में शामिल अभियुक्ता पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर और अभियुक्ता नीलम देवी को आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया। घटना में पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई।
इनसेट—
एक समारोह के दौरान की थी पेशकश–
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अभियुक्ता नीलम देवी ने बताया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी। आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक ने उसे एक युवती की आवश्यकता होने और उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की थी। जिस पर आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग बेटी (उम्र 15 वर्ष) को उसे देने और उसके एवज में डेढ़ लाख रूपये की मांग की थी। सौदा तय होने पर पिंकी मलिक ने किशोरी (पीड़िता) को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवि कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को और लवि कुमार ने उसे आगे मनीष नाम के एक व्यक्ति को दो लाख रुपये में बेच दिया था।
इनसेट—सौदे की पूरी रकम ना मिलने पर की शिकायत–
पुलिस के मुताबिक खुलासा हुआ कि रकम में से 80 हजार अभियुक्ता नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई थी। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम ना मिलने और नाबालिग को बेचने के अपराध में पकड़े जाने के डर से अभियुक्ता नीलम देवी ने अपनी नाबालिग बेटी (पीड़िता) के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ते हुए पुलिस में एक झूठी रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने प्रकरण की जांच कर घटना से जुड़ी हर कड़ी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त के प्रकरण का खुलासा कर गिरफ्तारी की। घटना में शामिल सभी अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अभियुक्तों के पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरणों से जुड़े होने सहित अन्य सभी सम्भावित पहलुओं के संबंध मे विरूतृत जानकारी की जा रही है। इस मामले में मनीष निवासी ग्राम घटायन थाना जानसठ मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश, लवी कुमार निवासी नागोंरी थाना फलावदा मेरठ उत्तर प्रदेश, पिंकी मलिक निवासी ग्राम कुकड़ा मंडी मुजफ्फरनगर और नीलम देवी निवासी- नांगल हटनाला सहस्त्रधारा रोड देहरादून की गिरफ्तारी की गई।

