कनाडा और अमेरिकन को ठगने के लिए दून को बनाया ठिकाना, पांच गिरफ्तार
नोएडा से नौकरी छोड़ने के बाद दून आकर खोला अवैध कॉल सेंटर
राजपुर थाना पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
एंटीवायरस एप के एवज में विदेशी नागरिकों से से की जाती थी धोखाधड़ी

देहरादून : मोबाइल और लैपटॉप में एंटीवायरस एप को बेचने के नाम पर विदेशियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। किराये के फ्लैट में अवैध रूप से कॉल सेंटर चलाने वाले पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।आरोप है कि फर्जी नाम अंग्रेजी में रखकर विदेशी नागरिकों से ठगी की जा रही थी। एंटीवायरस एप लेने के एवज में विदेशी नागरिकों से 100 डालर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर उसका नम्बर और फोटो मांगी जाती थी। गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद विदेशी नागरिकों को एंटी वायरस एप उपलब्ध न कराकर धोखाधड़ी की जाती थी
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि राजपुर क्षेत्र में एक फ्लैट में अवैध कॉल एजेंसी-सेंटर संचालित किया जा रहा था। जहां विदेशी नागरिकों व अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत मिली। आर्चिड पार्क तरला नागल रोड पर स्थित एक फ्लैट पर फर्जी कॉल सेन्टर पर छापा मारा गया। जहां से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 04 लैपटॉप, 01 आईपैड व ठगी के लिए इस्तेमाल किये जा रहे अन्य उपकरण बरामद हुए। मौके से 03 वाहनों को सीज किया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि विदेशी ग्राहकों को उनके फोन व लैपटॉप में एंटी वायरस डालने के नाम से धोखाधड़ी की जाती है। कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
इनसेट—
नोएडा से नौकरी छोड़कर दून को बनाया ठिकाना–
राजपुर थाना प्रभारी पी.डी भट्ट पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मुख्य अभियुक्त आशीष ने बताया गया कि वह पहले नोएडा स्थित एक कॉल सेन्टर में काम करता था। जहां विदेशी नागरिकों को कॉल कर इसी प्रकार धोखाधडी की जाती थी। तीन माह पूर्व नौकरी को छोड़कर देहरादून आ गया। देहरादून में अलग-अलग जगहों पर काम करने लगा। काम के दौरान वर्चुअल मोबाइल नंबर लिया। जिसे उसने बीटीसी बॉस नाम से सेव किया। देहरादून राजपुर क्षेत्र में एक फ्लैट किराये पर लेकर उसमें अपने साथियों के साथ फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया। विदेशी नागरिकों के करीब 5000 मोबाइल नंबर खरीदे। जिन्हें वह खुद और अपने साथियों के माध्यम से गूगल वॉइस एप के माध्यम से कॉल कर उनके फोन मे खराबी होने और उसे ठीक करने के एवज में उनके मोबाइल पर एंटीवायरस एप डाउनलोड करने की जानकारी देते थे। बताया कि एप को उन्हें देने के एवज में उनसे 100 डालर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर उसका नम्बर बताने और फोटो मंगाया जाता था। बीटीसी बॉस के नाम से सेव किए गए वर्चुअल नंबर पर भेजा जाता था। उसके एवज में उनके खातों में अलग-अलग नंबरों से पैसे आते थे। गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद केवल कुछ ग्राहकों को ही एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराया जाता था। खुलासा हुआ कि गिफ्ट कार्ड को वे सस्ते दामों में विदेशी नागरिकों को बेच देते थे, जिसके एवज में उनके खातों में पैसा डाला जाता था। जिन विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी की गई है, उनमे से अधिकतर अमेरिका और कनाडा के है। कॉल सेन्टर कुछ समय के लिये ही संचालित किया जाता था, जिसके बाद जगह बदल देते थे, ताकि पुलिस या किसी अन्य एंजेसी को जानकारी न हो सके। इस मामले में आशीष नगर निवासी 93 मोरिवाड़ा थाना कोतवाली सिटी मेरठ उत्तर प्रदेश, अक्षत शर्मा निवासी शाहखाकी चौक थाना कोतवाली सिटी मेरठ उत्तर प्रदेश, अंशु मुद्गल निवासी 36 अनूप नगर फाजलपुर मेरठ उत्तर प्रदेश, राज सिंह निवासी सिलवारा रोड सिविल लाइन थाना सिलवारा रोड सुलतानपुर यूपी, अभिनव सिंह निवासी शास्त्री नगर सुलतानपुर उत्तर प्रदेश की गिरफ्तारी की गई है।
……



