• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
JANSABHABHARAT
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक
No Result
View All Result
JANSABHABHARAT
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
  • कोरोना
  • टेक
Home health

SGRR: शोध लेखन एवं एआई के प्रयोग पर कार्यशाला का आयोजन

jansabhabharat@gmail.com by jansabhabharat@gmail.com
July 28, 2025
in health, उतर प्रदेश, उत्तराखंड, देहरादून, पंजाब, पौड़ी, राष्ट्रीय ख़बरे, शिक्षा
0

शोध लेखन एवं एआई के प्रयोग पर कार्यशाला का आयोजन
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में लाइब्रेरी इन्फार्मेशन रिसोर्स सेंटर एवं एलसेवियर संस्थान के संयुक्त प्रयास से फैकल्टी सदस्यों एवं शोधार्थियों के लिए “साइंस डाइरेक्ट ऑनबोर्डिंग एंड ऑथर” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एलसेवियर में प्रकाशन संबंधी विभिन्न जानकारियां दी गई।
एलसेवियर की ओर से कस्टमर सक्सेस मैनेजर साउथ एसिया डॉ. नितिन घोसाल ने उपस्थित शोधकर्ताओं एवं फैकल्टी सदस्यों को बताया कि साइंस डायरेक्ट क्या है। इसमें नए फीचर क्या क्या हैं और यह किस तरह से शोधकर्ताओं के लिए फायदमंद है। उन्होंने कहा कि एलसेवियर की तरह अन्य प्रकाशन भी एआई का प्रयोग कर रहे हैं परंतु एलसेवियर के रेफरेंस ज्यादा भरोसेमंद होते हैं। शोधकर्ताओं के लिए साइंस डायरेक्ट एआई की मदद से संबंधित साहित्य भी खोजना अब आसान हो गया है। डॉ. नितिन ने कहा कि एआई की मदद लेना अच्छा है लेकिन इस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता। इस पर नियंत्रण भी जरूरी है। कार्यक्रम का उद्घाटन एसबीएएस ऑडीटोरियम पटेलनगर में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अंत में शोध से संबंधित एक क्विज का भी आयोजन किया गया जिसमें डा. भवना का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। इस मौके आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. सोनिया गंभीर, लाईब्रेरियन डॉ. अमिता सकलानी, प्रो. विपुल जैन, प्रो. अरूण कुमार, प्रो. ओम नारायण तिवारी सहित कई फैकल्टी सदस्य एवं शोधार्थी मौजूद रहे।

Spread the love
Tags: #SGRR: #Organizing a #workshop on #research writing and use of AI
Previous Post

बंद कमरे में रिसकर जमा हुई एलपीजी (घरेलू गैस) में अचानक ब्लास्ट हुआ और सो रहे पति-पत्नी, दो जुड़वा भाई बहन सहित तीन बच्चे झुलस गए।

Next Post

मुख्य सचिव ने ली प्रदेश के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, मंडलायुक्त होंगे नोडल अधिकारी: मुख्य सचिव

jansabhabharat@gmail.com

jansabhabharat@gmail.com

Next Post

मुख्य सचिव ने ली प्रदेश के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, मंडलायुक्त होंगे नोडल अधिकारी: मुख्य सचिव

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Contect us : Support@jansabhabharat.com
Contact Us,
.Shabnoor Sana, 66/88 Ghosi Gali Dehradun, Uttarakhand-248001 Email : jansabhabharat@gmail.com

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय ख़बरे
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • बागेश्वर
    • चमोली
    • देहरादून
    • रुद्रप्रयाग
    • पौड़ी
    • टिहरी
    • हरिद्वार
    • पिथौरागढ़
    • नैनीताल
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • उत्तरकाशी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • अन्य -राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • बिहार
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
  • कोरोना
  • टेक

Copyright © 2026 Jansabha Bharat News. All Rights Reserved.