
साइबर ठगी के बाद भटकने की जरूरत नहीं, एसटीएफ ने बनाया ‘साइबर पोर्टल हब’
एक ही जगह मिलेंगे साइबर क्राइम शिकायत, बैंकिंग, सोशल मीडिया और महिला-बच्चों की सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक लिंक
ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में 1930 पर तत्काल सूचना देने की अपील
देहरादून, संवाददाता: बढ़ते साइबर अपराधों के बीच उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा और शिकायत से जुड़ी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की पहल की है। एसटीएफ की साइबर टीम ने ‘साइबर पोर्टल हब’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग वेबसाइटों पर साइबर अपराध से संबंधित जानकारी और शिकायत के लिए भटकने से बचाते हुए महत्वपूर्ण आधिकारिक सेवाओं तक एक ही जगह से पहुंच उपलब्ध कराना है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, मौजूदा समय में सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में सही समय पर सही प्लेटफॉर्म पर शिकायत करना काफी महत्वपूर्ण है। इसी जरूरत को देखते हुए यह हब तैयार किया गया है।
महिला और बच्चों की साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
साइबर पोर्टल हब में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) तक सीधी पहुंच दी गई है। इसके जरिए महिला और बच्चों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है। संवेदनशील मामलों में एनसीआरपी पर गुमनाम शिकायत और शिकायत की स्थिति देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।
बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक या यौन शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री की रिपोर्टिंग के लिए भी संबंधित सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है। एसटीएफ के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र में बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीर या वीडियो के ऑनलाइन प्रसार की आशंका अथवा प्रसार होने की स्थिति में ‘टेक इट डाउन’ जैसी सेवा से भी सहायता ली जा सकती है। वहीं, महिलाओं की निजी तस्वीरों या वीडियो के बिना सहमति प्रसारित होने की स्थिति में ‘स्टॉपएनसीआईआई’ जैसी सेवा उपलब्ध है, जो डिजिटल फिंगरप्रिंट के जरिए संबंधित सामग्री के प्रसार को रोकने में मदद करती है।
ऑनलाइन ठगी में 1930 पर सूचना जरूरी
पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी शिकायतों के लिए एनसीआरपी, बैंकिंग शिकायत, उपभोक्ता शिकायत, यूपीआई और अन्य संबंधित आधिकारिक सेवाओं के लिंक भी उपलब्ध कराए गए हैं। एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
हैक सोशल मीडिया अकाउंट की भी मिलेगी जानकारी
साइबर पोर्टल हब में फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आधिकारिक रिपोर्टिंग और शिकायत चैनल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके जरिए हैक अकाउंट, फर्जी प्रोफाइल, किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल और अकाउंट रिकवरी से संबंधित सहायता ली जा सकती है।
इसके अलावा पोर्टल पर बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, टेलीकॉम, ई-कॉमर्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के आधिकारिक लिंक के साथ साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच में उपयोगी एपीके एनालिसिस तथा पीडीएफ टूल्स भी उपलब्ध कराए गए हैं।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कम डिजिटल जानकारी रखने वाले नागरिकों को अक्सर यह पता नहीं होता कि साइबर अपराध होने पर शिकायत कहां और कैसे करनी है। साइबर पोर्टल हब को इसी समस्या को ध्यान में रखकर एक सरल डिजिटल रेफरेंस प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, ताकि नागरिकों को सही और आधिकारिक सेवा तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
साइबर पोर्टल हब: https://cyberportalhub.org

