{khurram shamsi}
जॉलीग्रांट मुख्यालय पहुंचकर एमडी पास्कल डोनोहो ने परखी रेस्क्यू टीम की क्षमता, कमांड सिस्टम और आधुनिक संसाधनों की जानकारी ली


(खुर्रम शम्सी)
उत्तराखंड/देहरादून: उत्तराखंड जैसे आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में किसी भी चुनौती से निपटने के लिए एसडीआरएफ की तैयारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखा जा रहा है। इसी क्रम में विश्व बैंक समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट का भ्रमण किया। टीम ने यहां रेस्क्यू ऑपरेशन से लेकर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तराखंड में होने वाली विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं और उनसे निपटने के लिए एसडीआरएफ की तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अतिवृष्टि, बाढ़, नदी हादसे और अन्य आपदाओं के दौरान रेस्क्यू टीमों को बेहद कम समय में घटनास्थल पर भेजना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए एसडीआरएफ ने त्वरित तैनाती और समन्वित रेस्क्यू सिस्टम विकसित किया है।
कंट्रोल रूम से लेकर रेस्क्यू टीम तक की व्यवस्था देखी
विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, कैनाइन यूनिट और एसडीआरएफ कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। कंट्रोल रूम में आपदा की सूचना मिलने से लेकर रेस्क्यू टीम की तैनाती, अभियान की निगरानी, संचार और वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों की प्रक्रिया समझी गई।
अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि आपदा के दौरान केवल राहत पहुंचाना ही चुनौती नहीं होता, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों का सटीक लोकेशन पता करना, सुरक्षित मार्ग तलाशना और सीमित समय में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करना भी बड़ी चुनौती रहती है। एसडीआरएफ के जवानों को इन्हीं परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुश्किल हालात में रेस्क्यू की रणनीति पर चर्चा
प्रतिनिधिमंडल को पर्वतीय इलाकों, नदी घाटियों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जाने वाले रेस्क्यू अभियानों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। इसके साथ ही खोज एवं बचाव, पीड़ितों का पता लगाने, प्राथमिक प्रतिक्रिया और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राहत-बचाव कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति की जानकारी भी दी गई।
विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ की कैनाइन यूनिट और प्रशिक्षण सुविधाओं का भी अवलोकन किया। आधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ प्रशिक्षित जवानों की भूमिका को आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
भ्रमण के दौरान उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक सुशील रावत व संजय उप्रेती, क्वार्टर मास्टर आनंद रावत, इंस्पेक्टर प्रमोद रावत समेत एसडीआरएफ के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

